आपके षादी से पहले कितनी महिलाओं के साथ षारिरिक संबंध रहें हैं?
क्या आप कच्ची उम्र में ही गर्भवती हो गई थी ?
आपको लग रहा है ये क्या लिख रहा है , दोस्तों कुछ इसी तरह के सवाल पुछे जा रहे है ‘सच का सामना ’रिएलिटी षो में । क्या आपने कभी सोचा है , इस तरह के सवाल पुछने का मकसद क्या होगा ? इस तरह के सवाल से लोगों का घर ही बर्बाद होगें। न जाने , विदेषों में ही कितनों के घर तोड़ने के बाद अब ये षो भारत में आया । आखिर ये सवाल हैं कि क्या से सचमुच ‘सच का सामना ’है? सच का माने तो यंे षो अमेरिका का है, कुछ अमीरजादों का है ,कुछ असामजिक लोगों को है ,पर सवाल ये है कि इसका आधे भारत से क्या वास्ता है जो गरीब है । हमारा दुर्भाग्य है कि चंद पैसों के चक्कर में हम सभ्य समाज का खराब करने का प्रयास कर रहे है ,नइ्र्र पीढी को भेट कर रहे है ।
खुद अमेरिका में इस षो की आलोचना हुई है ,यहां कई प्रतिभागियों के घर टूट चुकें है । ये हिंदुस्तान है ,अमेरिका या युरोप नहीं ,जो इस तरह के घटिया षो प्रसारित किया जाएं। जीवन में सच कई तरह के होते है ,परंतु ऐसे सच का क्या मतलब जिससे जीवन ही बर्बाद हो जाए । यह भी एक विडंबना है कि देष के नीति निर्धारक रोक की मांग तब करते है जब यह कार्यक्रम या घटना घर घर तक पहुंच चुका होता है ।सरकार को प्रसारण पूर्व ही इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए था। वैसे भी भारतीय संविधान की धारा 19 के तहत सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वंत़त्रता है साथ ही वह भारत की संप्रभुता ,अंखडता , राज्य की सुरक्षा संरक्षित करने के लिए बाध्य भी करती है । इस लिहाज से सदाचार व सभ्य आचरण बिगाडने के लिए इस कार्यक्र्रम को दोशी ठहराया जा सकता है ,चाहे इसमें कितना ही सच समाहित हो । यदि भारत सरकार को जरा सा भी भारतीयता का अहसास है तो तुरंत ही इस ‘सच का सामना‘ या फिर सच का नाटक पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।